अपने Emotions को कैसे कण्ट्रोल करे | Easy Steps to Control Your Emotions

अपने इमोशन्स को कैसे कण्ट्रोल करे, Easy Steps to Control Your Emotions

दोस्तों कई बार हम कई सारे गलती करते है। और गलती करनी जरूरी भी है, क्योंकि कई गलतियां हमे बहुत बड़ी बड़ी सिख दे जाती है। लेकिन इससे पहले हमसे कोई गलती हो हम दूसरों की गलतीयो से भी सिख ले सकते हैं। 

आपके साथ ऐसा कभी होता है की आपको किसने कुछ बोला और आप उसे कुछ बोल ही नहीं पाये बस रो दिये। या कभी किसी ने कुछ बोला जो कोई बड़ी बात तो नहीं थी लेकिन आपने उसे कुछ ज्यादा ही सुना दिया या फिर आपको बात बात पर गुस्सा आता हो। ये सभी निशानी एक ऐसे इंसान की है जो की एक इमोशनल फूल है, जिसका आपने इमोशन्स पर कोई कंट्रोल है ही नहीं। वो लोगें की बातों से खुश होता है और लोगों की बातों से ही गुस्सा हो जाता है। 

दोस्तों हमारे लाइफ की आधी से ज्यादा प्रॉब्लम्स हमारी इमोशन्स से जुड़ी होती है। जिन्दगी में हमारा सक्सेस और रिलेशनशिप के अलावा दूसरा कोई टॉपिक है ही नहीं। हमारी पूरी जिंदगी बस इसी दोनों चीज़ें के आस पास घूमती रहती है। और जब इन चिंताएं हम पर हाबी हो जाये तो हम लाचार महसूस करते हैं। इसलिए दोस्तों आज के आर्टिकल में हम चर्चा करने वाले हैं Emotions को कण्ट्रोल करने के बारे में, कैसे आप एक इमोशनल फूल बनना से खुदको रोक सकते हो। 

अपने Emotions को कैसे कण्ट्रोल करे | Easy Steps to Control Your Emotions

जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए इमोशन कंट्रोल बहुत ही जरूरी है, क्योंकि गलत इमोशन्स आपको लाइफ में आगे बढ़ने ही नहीं देता। तो आपने आपको एक इमोशनल फूल बनने से खुदको रोकने के लिए, आपने इमोशन्स को कंट्रोल करने के लिए इस आर्टिकल को आखिर तक पढ़ते रहिए। 

1. Emotions को Identify करे:

आपने इमोशन को कंट्रोल करने के लिए सबसे पहले आपको पता करना होगा की आप Exactly क्या फील कर रहे हो, क्या आप नर्वस हो? दुखी हो? या फिर किसी ने कुछ बोल दिया और इसकी वजह से बहुत गुस्सा हो? चाहे आप कुछ भी फील कर रहे हो आपको उसे Identify करना है। 

2. जल्दी React ना करे:

बहुत लोग होते है जिन्हें अगर कोई कुछ बोल दे तो बहुत जल्दी रिऐक्ट देते है। जैसे अगर कोई आपको बार बार गुस्सा दिलाना चाहे तो बार बार उसकी बातों में आ जाना फिर भले ही वो बंदा आपके मजे लेने के लिए ही गुस्सा क्यों ना दिला रहा हो। तो अबसे थोड़ा टाइम लीजिये, सोचीये और फिर रिएक्ट कीजिए।

3. एनर्जी को Channelize करे:

उदाहरण की तौर पर मानलो आज आपका ब्रेक उप हो गया, आपका मूड बहुत खराब है। आपके दिमाग में उल्टे सीधे विचार घूम रहा है और आप Ex को  मन में गाली दे रहे हो। लेकिन ऐसा करके कुछ मिलेगा? नहीं ना, ऐसा करके आप उसे भुला तो नहीं सकोगे उल्टा वो और याद आएगी। तो ये सब करने की जगह आपने एनर्जी को channelize करिये जहा आपका फाइदा है।

4. Practical सोचना शुरू करे:

हमारे निराश होने की सबसे बड़ी वजह यही है की हम एक्सपेक्ट ज्यादा करते है। कई बार हम जो सोचते है उसका उल्टा होता है जिसकी वजह से हम इमोशनल हो जाते है। 

लेकिन ये बात समझना बहुत जरूरी है की ये दुनिया Uncertain है कोई भी गारंटी नहीं है आप जैसा सोच रहे हो फ्यूचर में वैसा ही होगा। इसलिए आपको प्रैक्टिकल सोचना शुरू करना है, जब तक आप एक प्रैक्टिकल सोच रखने वाला नहीं बनोगे तबतक आप एक इमोशनल फूल बनकर रह जाओगे।

5. Ignore करना सीखे:

जरूरी नहीं की आपको हर सवालों का जवाब देना है, या हर सिचुएशन में आपको रिऐक्ट करनी ही है। कभी कभी इग्नोर भी करिये। हमारे आस पास कई लोग होते है जो की आन्ड शण्ड बोलते रहते है तो अगर आप उनकी बातों में आकर गुस्सा हो जाओगे या बुरा मान कर डिप्रेशन में चले जाओगे तो नुकसान आप का ही है।

6. Meditation करे:

नियमित ध्यान (Meditation) के द्वारा हर तरह के इमोशन कंट्रोल किया जा सकता है। ध्यान anxiety, depression जैसे सिचुएशन को हैंडल करने में आपकी मदद करती है। नियमित ध्यान आपके चेतना को उच्च स्तर पर ले जा सकता है जहां से सारे चीजों को देखने की आपकी नजरिया बदल जाती है। 

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अब देखते है हिन्दू धर्म में इमोशन कंट्रोल करने का क्या उपाय बताया गया है:

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भागवत गीता में कृष्ण कहते हैं, विषया विनिवर्तन्ते निराहारस्य देहिनः। रसवर्जं रसोऽप्यस्य परं दृष्ट्वा निवर्तते।। मतलब Develop A Higher Consiousness To Discard The Lower One. आप आपने इमोशन पर कंट्रोल नहीं पा सकते तो उसे रिप्लेस करिये एक उच्च लेवल के चेतना के साथ। 

हिन्दू धर्म के अनुसार आच्छादित, संकुचित, मुकुलित, विकसित और पूर्ण विकसित इन पांच प्रकार के चेतनाये होती है। और आप उस समस्या को सॉल्व ही नहीं कर सकते, जिस चेतना में उस समस्या को उत्पन्न किया गया है। मतलब अगर आप आच्छादित, संकुचित वाले लेवल पे हैं और वहाँ कोई समस्या उत्पन्न हुआ है तो उसको सॉल्व करने के लिए अपनी चेतना को उच्च स्तर पर ले जाना पड़ेगा। 

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तो दोस्तों आज के आर्टिकल में हमने जाना की कैसे एक इमोशनल फूल बनने से खुद को रोक सकते है और अपने इमोशन्स को कैसे कण्ट्रोल कर सकते है। इन्द्रियों के बाद मन उसके बाद आता है बुद्धि, इसलिए हर बात को दिल से सोचना सही नहीं है तो दिमाग से भी सोचिए और ऑब्जर्व करियेे। हर बात को दिल से सोचते रहोगे तो एक इमोशनल फूल बनकर रह जाओगे। 

खैर इमोशन्स पर काबू करना एक दीर्घकालिक प्रक्रिया है, तो धैर्य रखिये और हमारे बताए टिप्स को प्रैक्टिस करते रहिए। आगर आपको आज का यह आर्टिकल हेल्पफूल लगी हो तो आपने दोस्तों के साथ शेयर करे और उनकी भी मदद करे। वैसे आप चाहे तो हमे सब्स्क्राइब भी कर सकते है, नीचे ब्लू कलर का एक घंटी दिख रहा है उसपर क्लिक करके। 

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